– मीर तक़ी 'मीर' इब्तिदाए इश्क़ है रोता है क्या, आगे आगे देखिए होता है क्या. - मीर तक़ी 'मीर' जीवन : 'मीर' जैसा उर्दू शायर शायद ही कोई हुआ हो उनकी तुलना अगर किसी से की जा सकती है तो वह हैं 'ग़ालिब'. कुछ लोग 'मीर' को श्रेष्ठ मानते है तो कुछ 'ग़ालिब' को लेकिन अपनी शायरी में कहीं कहीं 'ग़ालिब' ने ख़ुद 'मीर' को अपने से अच्छा माना है. 'मीर' का जन्म आगरा में मुग़ल साम्राज्य के दौरान 1723ई0 में हुआ था. उनके दर्शन ने प्यार और करुणा के महत्व पर बल दिया यह प्रभाव आपके पिता से आया था जो कि एक धार्मिक व्यक्ति थे ज...
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