- – इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं मिर्ज़ा ग़ालिब ज़िन्दगी : उर्दू और फ़ारसी अदब में आप का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है. उर्दू शायरी का ज़िक्र, ग़ालिब के नाम के बिना अधूरा है. आप उर्दू के महानतम शायर समझे जाते है. आप का जन्म 27 दिसंबर 1797 ई० को भारत में उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा शहर में हुआ था. मिर्ज़ा ग़ालिब का असली नाम असद उल्लाह बेग ख़ां था 'ग़ालिब' आप का तख़ल्लुस (कवि नाम) है. कुछ समय तक आप ने 'असद' तख़ल्लुस का भी इस्तेमाल किया है. आप के पिताजी का नाम अब्दुल्ला बेग था. प्रारंभिक शिक्षा आगरा ही में मौलवी मुहम्मद मुअज़्ज़म साहब से हासिल की थी. दुर्भाग्य से आप पांच साल की उम्र में ही यतीम हो गए थे. इसके बाद आप के चचा मिर्जा नसरुल्ला बेग ने आप की परवरिश की. लेकिन आठ वर्ष की आयु में आपके चाचा भी स्वर्ग सिधार गए. ...
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